शासकीय माध्यमिक शाला पदमपुर में बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ गैस की जगह चूल्हे पर बन रहा मध्यान्ह भोजन, शासन के निर्देशों की अनदेखी।

बालाघाट
 जिले की तहसील वारासिवनी अंतर्गत संकुल केंद्र मेंढकी की शासकीय माध्यमिक शाला पदमपुर में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है।
एक ओर मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्कूलों में बच्चों को धुआँ रहित एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है,वहीं दूसरी ओर पदमपुर स्कूल में शासन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में मध्यान्ह भोजन एलपीजी गैस पर बनाने के बजाय पारंपरिक चूल्हे पर बनाया जा रहा है, जिससे रसोईघर में धुआँ भर जाता है। इससे भोजन बनाने वाली महिलाओं के साथ-साथ आसपास मौजूद बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सूत्रों का कहना है कि शासन द्वारा गैस भरवाने के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन संबंधित स्व-सहायता समूह द्वारा गैस सिलेंडर नहीं भरवाया जा रहा। आरोप है कि समूह अपनी मनमर्जी से चूल्हे पर ही भोजन बना रहा है।
विद्यालय के प्रधान पाठक द्वारा भी कई बार समूह को गैस का उपयोग करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। यह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है।
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि स्कूल में नियमों के अनुसार स्वच्छ, सुरक्षित और धुआँ रहित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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