एनएसएस के छात्रों ने सीखा आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल के माध्यम से मिला विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण, आपात स्थितियों से निपटने के गुर सीखे।

वारासिवनी / बालाघाट
शासकीय एस.एस.पी. कॉलेज वारासिवनी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए आपदा प्रबंधन पर एक विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण दिनांक 03 फरवरी को शासकीय माध्यमिक शाला खापा परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और बचाव तकनीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला कमांडेंट आपदा प्रबंधन (एसडीईआरएफ) श्रीमती रजनी खटीक के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आपदा के समय घबराहट सबसे बड़ी समस्या होती है, इसलिए जागरूकता और पूर्व तैयारी ही जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आपदा प्रबंधन के मूल सिद्धांतों—सतर्कता, त्वरित निर्णय, सामूहिक सहयोग और प्राथमिक उपचार पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मॉक ड्रिल रही, जिसमें विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों की तरह अभ्यास कराया गया। इस दौरान हवाई हमले की चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थान पर पहुँचने की प्रक्रिया, आग लगने की स्थिति में बचाव, भूकंप के दौरान “ड्रॉप, कवर और होल्ड” तकनीक, तथा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सुरक्षित निकासी के उपायों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए इन सभी परिस्थितियों का अभ्यास किया।
इसके अतिरिक्त प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की आवश्यक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना, खून बहने पर तत्काल उपाय, बेहोशी की स्थिति में सहायता, हड्डी टूटने पर अस्थायी सहारा देना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि आपदा के तुरंत बाद की गई सही मदद कई बार जीवन बचा सकती है।
इस अवसर पर एसडीईआरएफ बालाघाट टीम के श्री श्याम सिंह धुर्वे, श्री विशेष कुतराहे, श्री आशीष खरोले, श्रीमती वर्षा तेकाम एवं श्री मुलेन्द्र आड़े ने प्रशिक्षण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने उपकरणों के उपयोग, राहत एवं बचाव कार्यों की प्राथमिक प्रक्रियाओं तथा टीम वर्क के महत्व को भी समझाया।
कार्यक्रम में एस.एस.पी. कॉलेज वारासिवनी एवं शासकीय माध्यमिक शाला खापा के लगभग 80 छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों की सहभागिता रही। शिविर के संयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आपात परिस्थितियों में घबराने के बजाय समझदारी से कार्य कर पाते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित करना, उन्हें व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना तथा समाज में सुरक्षा और सहयोग की भावना को मजबूत करना रहा। यह प्रशिक्षण भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों को स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सहायता करने में सहायक सिद्ध होगा।

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