लोड संतुलन के लिए ग्रुप चेंज - क्या खत्म होगी रामपायली की वोल्टेज समस्या?

रामपायली / बालाघाट
विद्युत आपूर्ति की समस्या से परेशान रामपायली क्षेत्र के किसानों के लिए बिजली विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत वितरण केंद्र रामपायली द्वारा 33/11 के.वी. उपकेंद्र से संचालित 11 के.वी. कृषि फीडरों का ग्रुप परिवर्तन (ग्रुप चेंज) किया गया है।
कार्यालय सहायक अभियंता द्वारा जारी पत्र क्रमांक 481 दिनांक 12 फरवरी 2026 के अनुसार, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं से मिल रही लगातार शिकायतों के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है। विभाग के मुताबिक, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य लोड संतुलन को बेहतर बनाना और वोल्टेज स्तर में सुधार लाना है।
👉 नया समय निर्धारण
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अमई AG फीडर
सुबह 11:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
रात्रि 12:30 बजे से 3:30 बजे तक
रामपायली AG फीडर
सुबह 5:00 बजे से 11:00 बजे तक
रात्रि 12:30 बजे से 4:30 बजे तक
मोहगांव AG फीडर
सुबह 5:00 बजे से 11:00 बजे तक
रात्रि 12:30 बजे से 4:30 बजे तक
आदेश की प्रतिलिपि कार्यपालन अभियंता बालाघाट एवं सहायक अभियंता वारासिवनी को भी प्रेषित की गई है, ताकि निर्धारित समयानुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
👉   किसानों की पीड़ा _   रात की सिंचाई बनी मजबूरी
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क्षेत्र के किसानों का कहना है कि लंबे समय से कम वोल्टेज के कारण मोटर पंप पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। कई बार पर्याप्त दबाव न मिलने से सिंचाई अधूरी रह जाती है, जिससे फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार, रात्रिकालीन समय में बिजली मिलने से आधी रात में खेतों तक जाना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने जंगली जानवरों के खतरे और दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है। साथ ही, अनियमित आपूर्ति के चलते खेती की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
कुछ किसानों ने स्पष्ट कहा कि केवल समय परिवर्तन से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा, जब तक तकनीकी स्तर पर सुधार नहीं किए जाते।
👉      विभाग का पक्ष-  वोल्टेज सुधार की उम्मीद
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रुप परिवर्तन के बाद कृषि फीडरों पर लोड संतुलन बेहतर होगा, जिससे वोल्टेज स्तर में सुधार आने की संभावना है। उनका दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने से सिंचाई कार्य अधिक सुचारू होगा और शिकायतों में कमी आएगी।
👉       परिणाम पर टिकी निगाहें
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फिलहाल क्षेत्र के किसानों की निगाहें इस नई व्यवस्था के प्रभाव पर टिकी हैं। यदि ग्रुप परिवर्तन से वोल्टेज समस्या में वास्तविक सुधार हुआ, तो किसानों को राहत मिल सकती है। अन्यथा, सिंचाई संकट और गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
किसान संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि नई गाइडलाइन अपेक्षित परिणाम नहीं देती, तो वे आगे की रणनीति तय करेंगे।
रामपायली क्षेत्र में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग का यह निर्णय किसानों के लिए राहत साबित होता है या असंतोष का कारण बनता है।

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