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| शासन की योजना |
प्रधानमंत्री कुसुम (कृषक मित्र सूर्य) योजना से किसानों को बड़ी राहत
खेतों में लगेंगे सोलर पंप, अन्नदाता बनेंगे ऊर्जा-दाता
मध्यप्रदेश में किसानों को सस्ती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री कुसुम (कृषक मित्र सूर्य) योजना के तहत तेजी से काम किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बिजली पर निर्भरता से मुक्त कर उन्हें ऊर्जा उत्पादक बनाना है।
योजना के अंतर्गत प्रदेश में 52 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री की अगुवाई में इस अभिनव पहल के तहत अब तक 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए जा चुके हैं, वहीं 33 हजार कार्यादेश भी दिए जा चुके हैं।
बिजली बिल से मुक्ति, आय में बढ़ोतरी
खेतों में सोलर पंप स्थापित होने से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, सोलर पंप से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को किसान सरकार को बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
यह योजना न केवल किसानों के लिए लाभकारी है, बल्कि स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डीज़ल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
योजना की जानकारी और आवेदन
प्रधानमंत्री कुसुम (कृषक मित्र सूर्य) योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल
cmsolarpump.mp.gov.in पर उपलब्ध है।
सरकार की यह पहल के “आत्मनिर्भर किसान” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता अब ऊर्जा-दाता भी बन सकेंगे।

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