रायसेन जिले की सिलवानी तहसील अंतर्गत ग्राम सियरमऊ में संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित सकल हिंदू सम्मेलन श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सामाजिक समरसता को मजबूत करना और जाति-पात से ऊपर उठकर एकता का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम में निकाली गई पारंपरिक कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। इसके पश्चात भारत माता के पूजन-पाठ के साथ सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। वातावरण देशभक्ति, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना से सराबोर नजर आया। मंचासीन अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया, जिसके बाद स्थानीय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता के भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिए।
मंच पर मुख्य वक्ता प्रचारक तिलक राज दांगी (वनवासी कल्याण परिषद मध्य भारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री), रामनारायण शर्मा (सकल हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति संयोजक), केवलारी से पधारे कथा वाचक प्रशांत दीक्षित, ग्राम सरपंच प्रीति रजक (आयोजन समिति सह संयोजिका) तथा जनपद सदस्य बंसीलाल (सह आयोजक समिति सह संयोजक) मंचासीन रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में हिंदू समाज की एकता और संगठन पर विशेष जोर दिया। प्रचारक तिलक राज जी एवं पंडित प्रशांत दीक्षित जी ने कहा कि संगठित और समर्थ हिंदू समाज ही सुरक्षित समाज की नींव रख सकता है।
उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज समाज के सामने मौजूद उलझे हुए प्रश्नों का उत्तर केवल एक है—“हिंदू हम सब एक।” वक्ताओं ने जाति-पात और भेदभाव को त्यागकर भाईचारे की भावना को अपनाने का आह्वान किया। “एक रहोगे तो सेफ रहोगे” और “हम सब हिंदू भाई-भाई” जैसे नारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन समाज को एक सूत्र में बांधने, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने और राष्ट्रहित में संगठित रहने के संकल्प के साथ किया गया।
News Source: मनोज शुक्ला सियरमऊ
