निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष श्री योगेश बिसेन, सभापति कमलेश पांचे, इंजीनियर ज्योति मेश्राम, जल शाखा प्रभारी शिव तथा नगर पालिका के कर्मचारी उपस्थित रहे।
सिंचाई विभाग के नियमों के अनुरूप होता है निर्माण
नपाध्यक्ष श्रीमती ठाकुर ने बताया कि नागरिकों द्वारा अक्सर स्टॉपडेम निर्माण में देरी को लेकर प्रश्न उठाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य पूरी तरह तकनीकी परीक्षण और सिंचाई विभाग के नियमों के अनुरूप किया जाता है। जब तक नदी की धारा तेज रहती है, तब तक बांध निर्माण संभव नहीं होता।
उन्होंने बताया कि भीमगढ़ बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने पर वैनगंगा नदी का प्रवाह तेज हो जाता है। प्रवाह कम होने के बाद ही स्टॉपडेम निर्माण कार्य सुरक्षित रूप से शुरू किया जाता है।
स्थायी स्टॉपडेम की मांग पर उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के नियमों के अनुसार अस्थायी संरचना ही बनाई जा सकती है, जिसे समय-समय पर बांधना और खोलना आवश्यक होता है। इसलिए स्थायी स्टॉपडेम का निर्माण संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि स्टॉपडेम में संचित जल से न केवल बालाघाट शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी पर्याप्त जल उपलब्ध होता है।
जल संरक्षण को लेकर की अपील
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निरीक्षण के दौरान जल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्टॉपडेम निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और प्लेट फंसाकर बोरियां लगाई जा रही हैं। कार्य नियमित रूप से जारी रहेगा।
👉 नपाध्यक्ष ने नगरवासियों से अपील की कि जल की उपयोगिता को समझें और इसे व्यर्थ न बहाएं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने नए भवन निर्माण में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से अपनाने का आग्रह किया।
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