नगर के हृदय स्थल हनुमान चौक क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु नगरपालिका परिषद द्वारा एक समग्र जलनिकासी कार्ययोजना तैयार की गई थी। योजना के अंतर्गत हनुमान चौक एवं आसपास के क्षेत्रों से वर्षा जल की सुचारु निकासी के लिए चार प्रमुख नालों/नालियों का निर्माण प्रस्तावित था, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यादेश जारी किए गए थे।
नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीतसिंह ठाकुर द्वारा शहर में चल रहे विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में 19 जनवरी को उन्होंने हनुमान चौक सहित संबंधित क्षेत्रों में चल रहे नाली निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कार्य अत्यंत धीमी गति से हो रहा है तथा निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे जलभराव की समस्या बनी रहने की आशंका है।
इस पर नपाध्यक्ष ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही गंभीर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित निर्माण कंपनी को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हनुमान चौक जैसे अत्यंत व्यस्त एवं महत्वपूर्ण क्षेत्र में जलनिकासी कार्य नगर की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
.👉 निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष ने बताया कि इस कार्ययोजना के अंतर्गत प्रेम नगर गायत्री मंदिर मार्ग से होटल मल्लिकार्जुन होते हुए गौरवपथ तक लगभग 650 मीटर नाली निर्माण कार्य भी शामिल है। 17 जुलाई 2025 को कार्यादेश जारी होने के बावजूद छह माह में मात्र लगभग 20 मीटर कार्य ही पूर्ण किया गया है, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नपाध्यक्ष ने रीवा स्थित संबंधित निर्माण एजेंसी के सभी कार्य निरस्त करने के निर्देश उपयंत्री ज्योति मेश्राम को दिए तथा उक्त निविदा को निरस्त करने का प्रस्ताव तत्काल पीआईसी के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए। यह निर्णय हनुमान चौक जलनिकासी सहित अन्य नाली निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
नगरपालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त निर्माण कंपनी को लगभग 2 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्य आवंटित किए गए थे, जिनमें हनुमान चौक जलनिकासी, अंबेडकर चौक से हनुमान चौक तक नाली निर्माण सहित अन्य प्रमुख मार्गों के कार्य शामिल थे। एक कार्य में लापरवाही पाए जाने पर पूरे टेंडर को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि नागरिकों को जलभराव, आवागमन एवं व्यापारिक असुविधाओं से राहत मिल सके।
निरीक्षण के समय उपाध्यक्ष योगेश बिसेन, सभापति वकील वाधवा, कमलेश पांचे, उज्ज्वल आमाडारे, योगिता विनय बोपचे, उपयंत्री ज्योति मेश्राम, अन्य नगरपालिका अधिकारी एवं निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नपाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि हनुमान चौक को जलभराव से मुक्त कराना नगर परिषद का संकल्प है, और इस लक्ष्य में बाधा बनने वाली किसी भी एजेंसी या अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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