| File copy |
दो निर्माण फर्मों से ₹1.5 करोड़ से अधिक जीएसटी टैक्स सरेंडर
बालाघाट।
जिले में जीएसटी नियमों के अनुपालन को लेकर एंटी-इवेजन ब्यूरो की टीम ने दो दिनों तक चली सघन विभागीय जांच पूरी की है। इस कार्रवाई के दौरान निर्माण क्षेत्र से जुड़ी दो फर्मों के व्यावसायिक रिकॉर्ड की गहन जांच की गई, जिसमें कर देयता से संबंधित अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित फर्मों द्वारा ₹1.5 करोड़ से अधिक की जीएसटी राशि विभाग के समक्ष सरेंडर की गई है।
चार वर्षों के रिकॉर्ड की जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार एंटी-इवेजन ब्यूरो की टीम ने दोनों फर्मों के पिछले चार वर्षों के जीएसटी रिटर्न, बिलिंग विवरण, ई-वे बिल, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और डिजिटल लेन-देन रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान कुछ मामलों में टैक्स भुगतान और रिटर्न में अंतर, ITC क्लेम में विसंगतियां तथा दस्तावेजी खामियां पाई गईं।
दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने फर्मों से संबंधित कंप्यूटर सिस्टम, डिजिटल डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इन रिकॉर्ड्स को आगे की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित किया गया है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि पाई गई अनियमितताएं प्रक्रिया संबंधी त्रुटियां थीं या जानबूझकर की गई टैक्स चोरी।
जांच अभी जारी, आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरेंडर की गई राशि प्रारंभिक आकलन के आधार पर है। दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद यदि अतिरिक्त कर देयता सामने आती है, तो संबंधित फर्मों के विरुद्ध जीएसटी अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई, जुर्माना अथवा पेनल्टी भी लगाई जा सकती है।
लगातार सख्त हो रही निगरानी
एंटी-इवेजन ब्यूरो द्वारा की गई यह कार्रवाई जीएसटी अनुपालन को लेकर सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है। विभाग का कहना है कि कर चोरी रोकने और राजस्व की सुरक्षा के लिए इस तरह की जांच और निगरानी आगे भी जारी रहेगी।
0 टिप्पणियाँ