समाजसेवी रघुवीर अहरवाल ने जताई चिंता
सिवनी | 06 फरवरी 2026
सिवनी जिले के नगरों एवं कस्बों में तेजी से हो रहे अव्यवस्थित शहरी विस्तार को लेकर समाजसेवी रघुवीर अहरवाल ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिले में रोजगार के अवसरों और सुनियोजित विकास की कमी के बीच नई बसावटें बिना समुचित योजना के विकसित हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
संकरी सड़कें और बुनियादी सुविधाओं की कमी
अहरवाल के अनुसार कई नई बसावटों और कॉलोनियों में 15 से 20 फीट चौड़ी कच्ची सड़कें तथा अपर्याप्त नालियां बनाई गई हैं। इन क्षेत्रों में पेयजल, बिजली, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का समुचित प्रबंध नहीं दिखाई देता, जिससे रहवासियों की दैनिक कठिनाइयाँ बढ़ रही हैं।
स्थान चयन और प्रक्रियाओं पर सवाल
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर बसावटें बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास, नदी-नालों के किनारे अथवा ऐसे क्षेत्रों में विकसित हुई हैं, जहां आवश्यक स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं की स्थिति स्पष्ट नहीं है। साथ ही, यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) की प्रक्रिया पूर्ण न होने की बातें सामने आ रही हैं।
प्रभावित परिवारों की स्थिति
समाजसेवी के अनुसार जिन परिवारों ने इन क्षेत्रों में अपने घर बना लिए हैं, उन्हें पानी, बिजली, सड़क, नाली और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। कई लोग आजीविका की तलाश में दिनभर प्रयासरत रहते हैं, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
सुविधाओं के नाम पर बढ़ती परेशानियां
अहरवाल ने यह भी कहा कि इन इलाकों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर लोग विभिन्न स्तरों पर प्रयास करते नजर आते हैं। स्थानीय स्तर पर समाधान की अपेक्षा बनी रहती है, ताकि रहवासियों को आवश्यक सुविधाएं सुलभ हो सकें।
नोट: यह समाचार समाजसेवी द्वारा जारी वक्तव्य/विज्ञप्ति पर आधारित है।
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