मध्यप्रदेश में 15 वर्ष से अधिक पुरानी यात्री बसों के संचालन पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार ऐसी बसों के परमिट का न तो नवीनीकरण किया जाएगा और न ही उन्हें सड़कों पर चलने की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बुधवार को बस ऑपरेटरों एवं उनके अधिकृत अभिभाषकों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में इस निर्णय को स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के इस फैसले का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और 15 वर्ष से पुरानी कोई भी बस अब संचालित नहीं हो सकेगी।
संभागीय आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक के दौरान बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा पहले ही इस संबंध में बस संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बस संचालकों से अपील की कि वे नियमों के अनुरूप पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें क्रय कर संचालन प्रारंभ करें।
बैठक में परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने जानकारी दी कि ग्वालियर से संभाग स्तर पर 73 बसों के संचालन हेतु परमिट जारी किए गए थे, जिनमें से कई बस संचालक नई बसें लेकर संचालन शुरू कर चुके हैं। शेष बस संचालकों को भी शीघ्र नई बसें लेने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने दोहराया कि 15 वर्ष से पुरानी किसी भी बस का परमिट नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
बैठक में बस संचालकों और उनके प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे, जिन पर संभागीय आयुक्त ने चर्चा करते हुए शासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
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