सीआरपीएफ की पहल, आदिवासी युवाओं को मिला भारत को समझने का मंच।

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बालाघाट
आदिवासी बहुल क्षेत्रों के युवाओं को देश की विविध संस्कृति, इतिहास एवं विकास से परिचित कराने के उद्देश्य से आदिवासी युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत बालाघाट जिले के 20 आदिवासी युवक-युवतियों को गुरूग्राम (हरियाणा) भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
यह कार्यक्रम युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) एवं मेरा युवा भारत के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष 18 से 22 वर्ष आयु वर्ग के आदिवासी युवक-युवतियों का चयन कर उन्हें देश के विभिन्न शहरों का भ्रमण कराया जाता है, जिससे वे भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विविधताओं से रूबरू हो सकें और राष्ट्रीय एकता की भावना सुदृढ़ हो।
17वें आदिवासी युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम 2025–26 के अंतर्गत बालाघाट जिले के लांजी, बैहर, परसवाड़ा एवं बिरसा विकासखंडों से कुल 23 बैचों में 450 प्रतिभागियों को देश भ्रमण पर भेजा जाना प्रस्तावित है। अब तक 12 बैचों में 230 प्रतिभागी लखनऊ, मुंबई, देहरादून, भुवनेश्वर, कोझीकोट, हैदराबाद, बैंगलोर, पुणे, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली, चेन्नई एवं इंदौर जैसे प्रमुख शहरों का भ्रमण कर चुके हैं।
इसी क्रम में 21 दिसंबर 2025 को 13वें बैच के अंतर्गत 20 प्रतिभागियों को 02 सीआरपीएफ कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था में 22 से 28 दिसंबर 2025 तक गुरूग्राम भ्रमण हेतु रवाना किया गया। इस दल को श्री देवेन्द्र प्रसाद दुबे, द्वितीय कमान अधिकारी, 123 बटालियन सीआरपीएफ द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर श्री पंकज कुमार, सहायक कमाण्डेंट, 123 बटालियन, श्री सी. आर. जंघेला, मेरा युवा भारत संगठन के प्रतिनिधि सहित सीआरपीएफ के अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा उन्हें राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करना है।
          प्रताप गेडाम-  जिला क्राइम रिपोर्टर
                     अभयवाणी न्यूज
                        बालाघाट

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