"करोड़ों की इमारत, लेकिन बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे?"

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          प्रहलाद गजभिये- (अभयवाणी न्युज)
     बालाघाट
जब प्रदेश सरकार आधुनिक शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तब जिला मुख्यालय स्थित सीएम राइज (सांदीपनि) स्कूल में टूटे झूले और क्षतिग्रस्त खेल सामग्री कई सवाल खड़े करते हैं। यदि बच्चों के खेलने के उपकरण ही सुरक्षित नहीं हैं, तो करोड़ों के निर्माण और गुणवत्ता के दावों का क्या अर्थ रह जाता है?
यह केवल रखरखाव की लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने की बजाय समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों को निरीक्षण कर सभी खेल उपकरणों की गुणवत्ता जांच, मरम्मत या प्रतिस्थापन सुनिश्चित करना चाहिए।
  👉     अभयवाणी न्यूज़ का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल भव्य भवन खड़े करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना भी है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बच्चे की जान जोखिम में न पड़े।
                          समाचार पत्र
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