प्रहलाद गजभिये ( जिला ब्युरो बालाघाट )
बालाघाट
जिले में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार में है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में हरियाली लौट आई है, वहीं नदी-नाले भी उफान पर हैं। कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से 29 जुलाई 2026 तक जिले में 582 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष इसी अवधि में दर्ज 817 मिलीमीटर वर्षा से कम है। जिले की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 1447 मिलीमीटर है, जबकि इस अवधि तक लगभग 738 मिलीमीटर वर्षा होना अपेक्षित माना जाता है।
पिछले 24 घंटों में जिले में 74 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस दौरान बालाघाट तहसील में सर्वाधिक 145 मिलीमीटर तथा वारासिवनी में 137 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा परसवाड़ा में 78, बिरसा में 71, लांजी में 70, लालबर्रा में 69, बैहर में 58, तिरोड़ी में 56, किरनापुर में 45, कटंगी में 44 तथा खैरलांजी में 36 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
चालू वर्षा सत्र में अब तक बालाघाट तहसील सबसे आगे रही है, जहां 789 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद वारासिवनी में 752, किरनापुर में 705, बैहर में 632, लालबर्रा में 588, लांजी में 585, तिरोड़ी में 561, परसवाड़ा में 529, बिरसा में 463 तथा कटंगी में 453 मिलीमीटर वर्षा हुई है। वहीं खैरलांजी तहसील में सबसे कम 345 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
प्रशासन ने लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नदी-नालों में बाढ़ अथवा पुल-पुलियों पर पानी बहने की स्थिति में उन्हें पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए कलेक्ट्रेट बालाघाट के कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07632-240102 पर संपर्क किया जा सकता है।
👉 अभयवाणी की राय 👈
बारिश जीवन और खेती के लिए वरदान है, लेकिन यही बारिश लापरवाही के कारण हादसों का कारण भी बन सकती है। प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें, जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा सुरक्षित रहकर दूसरों को भी जागरूक करें।
अभयवाणी समाचार पत्र
बालाघाट
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