मंडला
कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र अंतर्गत मोहगांव बीट के कक्ष क्रमांक 156 में मंगलवार सुबह लगभग 5 से 6 वर्षीय एक नर बाघ मृत अवस्था में मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से उक्त बाघ घायल एवं अस्वस्थ अवस्था में क्षेत्र में दिखाई दे रहा था। इसकी सूचना मिलने के बाद क्षेत्र संचालक, उप संचालक, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी एवं अधीनस्थ अमले द्वारा लगातार बाघ की मॉनिटरिंग एवं अनुश्रवण किया जा रहा था। इसी दौरान गश्ती दल को मंगलवार सुबह बाघ मृत अवस्था में मिला।
घटना की सूचना तत्काल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) भोपाल को दी गई। इसके बाद एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम एवं भस्मीकरण समिति के सदस्यों को मौके पर बुलाया गया। वन विभाग द्वारा घटनास्थल को पूरी तरह सुरक्षित कर डॉग स्क्वॉड की सहायता से क्षेत्र का गहन निरीक्षण कराया गया।
वन्यजीव चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल, पशु चिकित्सक डॉ. आशीष वैद्य एवं डॉ. ज्योति मरावी की टीम द्वारा मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया गया। जांच में बाघ नर पाया गया जिसकी आयु लगभग 5 से 6 वर्ष बताई गई। पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के शरीर पर चोट के निशान तथा फेफड़ों में संक्रमण पाया गया, जिसे प्राथमिक रूप से मृत्यु का कारण माना जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार बाघ के सभी महत्वपूर्ण अंग जैसे केनाइन दांत, नाखून एवं मूंछ के बाल सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार की आशंका फिलहाल नहीं जताई गई है। चिकित्सक दल द्वारा फॉरेंसिक जांच हेतु विसरा एवं अन्य आवश्यक सैंपल भी संकलित किए गए हैं।
पोस्टमार्टम उपरांत एनटीसीए के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समिति के सदस्यों की मौजूदगी में बाघ के शव का पूर्ण रूप से भस्मीकरण किया गया। इस दौरान क्षेत्र संचालक रविन्द्र मणी त्रिपाठी, उपसंचालक पी.के. वर्मा, सहायक संचालक अजय ठाकुर, सहायक संचालक मितेन्द्र चिचखेड़े, तहसीलदार एस.एस. मार्को, सरपंच स्नेहलता पंद्रे, एनटीसीए प्रतिनिधि डॉ. श्रवणा गोस्वामी, फील्ड बायोलॉजिस्ट अजिंक्य देशमुख सहित वन विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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