अभयवाणी समाचार
जिला संवाददाता - प्रहलाद गजभिये
बालाघाटशासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय बालाघाट में 12 मई 2026 को “बौद्धिक संपदा अधिकार और विकसित भारत @2047” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति के अनुरूप मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों एवं विषय विशेषज्ञों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
संगोष्ठी के मुख्य मार्गदर्शक एवं राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. इंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में शोध, नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. पी.आर. चंदेलकर ने ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को नवाचार आधारित शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अशोक कुमार मराठे भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम तकनीकी सत्र में CSIR-NEERI के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशांत बी. वाथ ने “Intellectual Property Rights (IPR) & Viksit Bharat@2047” विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान देते हुए पेटेंट, अनुसंधान एवं नवाचार की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिक अनुसंधान और बौद्धिक संपदा संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है।
द्वितीय तकनीकी सत्र में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक डॉ. अमित दुबे ने “Basics of Intellectual Property Rights” विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे और महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर ने छात्राओं को शोध एवं मौलिकता के प्रति प्रेरित करते हुए नवाचार आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं संगोष्ठी के उद्देश्यों का वाचन समन्वयक डॉ. सुनील कुमार मासुलकर द्वारा किया गया। IQAC प्रभारी डॉ. स्वाति खोब्रागड़े ने सेमिनार का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि सह-समन्वयक प्रीति उइके के सहयोग से प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव जीवन मसराम ने आभार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी को सफल बनाने में तकनीकी सत्र समिति, शैक्षणिक एवं कार्यालयीन स्टॉफ तथा छात्राओं का सराहनीय सहयोग रहा।
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