इस प्रशिक्षण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के केमिस्ट श्री तोमर एवं बीसी श्री परमानंद ठाकरे के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के माध्यम से जल परीक्षण की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान जल के विभिन्न गुणवत्ता मानकों की जांच करने की विधि और उनके महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
विशेष रूप से प्रतिभागियों को क्लोरीन, आयरन, फ्लोराइड एवं पीएच जैसे प्रमुख जल गुणवत्ता मानकों की जांच करना सिखाया गया, ताकि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पेयजल की नियमित निगरानी सुनिश्चित कर सकें।
प्रशिक्षण के पश्चात सभी ग्राम पंचायतों को FTK किट का वितरण भी किया गया, जिससे ग्रामीण स्तर पर जल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित जांच संभव हो सके और आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले में जल संरक्षण एवं स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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