इसी क्रम में 31 मार्च को मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सूर्यप्रकाश उके द्वारा नगर क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक कुओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुओं का चिन्हांकन करते हुए उनकी साफ-सफाई का कार्य मौके पर ही प्रारंभ कराया गया तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, भूजल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल स्रोतों की सफाई एवं नवीनीकरण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल वितरण प्रणाली की सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना, बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत, सोकपिट निर्माण तथा पाइपलाइन लीकेज सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।
नगर के सभी सार्वजनिक कुओं की व्यवस्थित साफ-सफाई, रंगाई-पुताई एवं आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जाएंगे, जिससे गर्मी के मौसम में जल स्तर को बनाए रखा जा सके और नागरिकों को स्वच्छ एवं पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके। अभियान का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, जल गुणवत्ता में सुधार तथा आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
अभियान के दौरान कुओं में जमा कचरा, गाद एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर गहन सफाई की जा रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने, कीटाणुनाशक छिड़काव करने तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस अभियान के माध्यम से पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें, कुओं में कचरा न डालें तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और आगामी दिनों में नगर के अन्य जल स्रोतों को भी चरणबद्ध रूप से इसमें शामिल किया जाएगा।
इस अभियान में नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छता मित्रों एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे यह जनहितकारी पहल प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है।
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