क्या एक सरकारी कॉलेज में पीने का पानी और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाएं मांगना भी कोई बड़ी बात है? सिलवानी के शासकीय महाविद्यालय में बदहाली से तंग आकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने प्राचार्य को कड़ा ज्ञापन सौंपा है जिसमें छात्रों ने पीने के लिए RO, टूटे टॉयलेट और फर्श की मरम्मत, टीन शेड, ई-लाइब्रेरी, पार्किंग, सही फर्नीचर और समय पर कक्षाएं लगाने की मांग की है! सबसे बड़ी परेशानी एग्जाम फॉर्म की फीस को लेकर है, जहां सिर्फ ATM से पेमेंट लिए जाने के कारण गांव से आने वाले छात्र दर-दर भटक रहे हैं; छात्रों ने तुरंत जनभागीदारी खाते का QR कोड या MP ऑनलाइन से फीस जमा करने की सुविधा मांगी है। इसके साथ ही जनभागीदारी खाते का बैंक स्टेटमेंट, छात्राओं के लिए कॉमन रूम और परीक्षा के दौरान एग्जाम रूम में ही पानी देने की जायज़ मांग उठाई गई है। ABVP के भाग संयोजक जय यादव ने साफ चेतावनी दी है कि पूर्व में शिकायत के बावजूद आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई, और अगर अब ये मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो कॉलेज में सीधा तालाबंदी और उग्र आंदोलन होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी!
0 टिप्पणियाँ