मुख्य नगरपालिका अधिकारी सूर्यप्रकाश उके ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनमें नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, भूजल संवर्धन, पुराने जल स्रोतों की सफाई एवं मरम्मत, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल वितरण प्रणाली की स्वच्छता और नगरीय निकायों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना प्रमुख हैं। इसके अलावा ग्रीष्मकाल में प्याऊ व्यवस्था और हरित क्षेत्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अभियान के सफल संचालन के लिए नगरपालिका द्वारा दैनिक गतिविधि कैलेंडर भी तैयार किया गया है। अभियान का शुभारंभ 19 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन किया गया था, जिसके बाद से क्षेत्र में तालाबों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य लगातार जारी है।
जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सभी वार्डों में वार्ड प्रभारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। साथ ही अभियान से संबंधित गतिविधियों के फोटो प्रतिदिन पोर्टल एवं गूगल लिंक पर अपलोड किए जा रहे हैं।
नगरपालिका ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने घरों में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित कर जल संरक्षण में योगदान दें। यह पहल न केवल वर्तमान जल संकट को कम करने में सहायक होगी, बल्कि भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी।
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