बालाघाट
जिला पंचायत बालाघाट के सभागृह में गुरुवार को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई,जिसमें जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरसवार ने की। इस दौरान बैहर विधायक संजय उइके, जिला पंचायत सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सराफ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा से हुई, जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रमुखता से उठाईं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत जमुनिया के कछार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति का मुद्दा बैठक में प्रमुख रूप से सामने आया। वहीं खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान कटंगझरी एवं डोंगरिया क्षेत्रों में खदानों के कारण भूजल स्तर गिरने पर चिंता जताई गई। खदान संचालकों को सीएसआर मद के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग से जुड़े मामलों में ग्राम चिचगांव में वोल्टेज समस्या एवं बिजली पोल की कमी, तथा मोहगांव में सब-डिवीजन केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्कूलों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा चिखमारा सहित अन्य ग्रामों में खराब नल-जल योजनाओं की मोटरों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा से जुड़े मुद्दों में कटंगी क्षेत्र के निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए बालाघाट आने में हो रही परेशानी पर चर्चा हुई। ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए शासन को पत्र भेजने का सुझाव दिया गया। साथ ही किरनापुर के ग्राम पौनी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण एवं स्कूल पहुंच मार्गों पर पुल-पुलिया निर्माण की आवश्यकता बताई गई।
सामाजिक न्याय विभाग ने जानकारी दी कि जिले में 11 प्रकार की पेंशन योजनाओं के तहत 1 लाख 92 हजार 617 हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। बैहर में वृद्धा पेंशन वितरण में देरी पर नाराजगी जताई गई। दिव्यांगों को वितरित ट्रायसाइकिल के मरम्मत कार्य में देरी पर संबंधित संस्था को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग की समीक्षा में नदी-नालों पर स्टॉप डैम निर्माण, जल संरक्षण एवं वन्यप्राणियों के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। विधायक संजय उइके ने वन क्षेत्र में कमी और बांस के घटते रकबे पर चिंता व्यक्त करते हुए फलदार वृक्षों के रोपण पर बल दिया।
बैठक में पंचामा दादर क्षेत्र में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन का भी विरोध किया गया। जनप्रतिनिधियों ने इसे जल, जंगल और जीवन के लिए हानिकारक बताते हुए रोक लगाने की मांग की।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों एवं पुल-पुलियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए बैहर-कटंगी-आमगांव मार्ग पर पुल निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई गई और कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयसीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया, ताकि वर्षा ऋतु में ग्रामीणों को परेशानी न हो। सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अंत में जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों में तेजी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया।
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