उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 में आवश्यक संशोधन के बाद इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है। यह पूरी तरह से मानव-रहित प्रणाली है, जिससे खनिज परिवहन में लगे वाहनों की सतत निगरानी संभव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि अब खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह टैग वाहन की फ्रंट विंडशील्ड पर लगाया जाएगा, जिससे ई-गेट से गुजरते ही वाहन की पूरी जानकारी स्वतः सिस्टम में दर्ज हो जाएगी।
ई-चेक गेट में वेरीफोकल कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) और RFID रीडर जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। ये उपकरण वाहन संख्या, खनिज की मात्रा एवं वजन का स्वतः मिलान करेंगे। यदि ई-ट्रांजिट पास (ETP) में दर्ज जानकारी और वास्तविक परिवहन में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक के विरुद्ध ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी।
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