थार सवार पिता-पुत्र पर बुलेरो से खूनी धावा! सरेआम गोलियों से भूना, पुलिस का 24 घंटे में ताबड़तोड़ एक्शन!

 


क्या आप सोच सकते हैं कि अपने ही खेत से खून-पसीना एक करके लौट रहे एक पिता की आँखों के सामने उसके जवान बेटे को सरेआम गोलियों से भून दिया जाए? हाँ, ये कोई खौफनाक फिल्मी सीन नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के थाना उदयपुरा इलाके की कड़वी और खौफनाक हकीकत है, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया है! पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट के मुताबिक, दिल दहला देने वाली ये घटना 28 मार्च 2026 की है, जब श्यामसुंदर रघुवंशी अपने बेटे रविन्द्र रघुवंशी के साथ खेत में चने की थ्रेसिंग का काम खत्म करके अपनी थार गाड़ी से वापस घर लौट रहे थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत एक बुलेरो गाड़ी में सवार होकर उनका पीछा कर रही है। जैसे ही उनकी थार ब्रजेन्द्र रघुवंशी के खेत के पास पहुँची, तभी अचानक एक तेज रफ्तार बुलेरो ने उनका रास्ता रोक लिया। उस बुलेरो से पुरानी रंजिश की आग में जलते हुए चार लोग उतरे- जिनके नाम संतोष रघुवंशी, रामस्वरुप रघुवंशी, हर्षित रघुवंशी और मनोज सोनी हैं। उन्होंने बिना कोई मौका दिए फरियादी के बेटे रविन्द्र को गालियां देते हुए चारों तरफ से घेर लिया। इससे पहले कि निहत्थे पिता-पुत्र कुछ समझ पाते या अपना बचाव कर पाते, मुख्य आरोपी संतोष रघुवंशी ने अपने पास रखी बंदूक निकाली और सीधा रविन्द्र पर तान दी। पलक झपकते ही उसने गोली चलाकर रविन्द्र की बेरहमी से हत्या कर दी और बंदूक की उस गूंज ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए मातम में धकेल दिया। सरेआम हुई इस खौफनाक वारदात से इलाके में दहशत फैल गई, लेकिन रायसेन पुलिस ने भी इस जघन्य अपराध पर तुरंत पलटवार किया। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे के सख्त निर्देशन एवं एसडीओपी बरेली कुँवर सिंह मुकाती के नेतृत्व में, उदयपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक जयवंत सिंह काकोड़िया ने अपनी पूरी टीम के साथ मोर्चा संभाल लिया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(b), 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत संगीन मामला दर्ज करते हुए मुखबिर तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया। पुलिस की स्पेशल टीमों ने संदेहियों से गहन पूछताछ की और हत्यारों के छिपने के हर संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। इस सतर्कता और अथक प्रयास का ही नतीजा रहा कि वारदात के महज़ कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने मुख्य कातिल संतोष रघुवंशी, हर्षित रघुवंशी और मनोज सोनी को धर दबोचा है। फिलहाल, इनका चौथा साथी रामस्वरुप रघुवंशी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश लगातार जारी है, लेकिन उदयपुरा पुलिस के इस दमदार एक्शन ने साफ कर दिया है कि रंजिश चाहे कितनी भी पुरानी हो, कानून के लंबे हाथों से कोई अपराधी बच नहीं सकता!

إرسال تعليق

0 تعليقات

Copyright (c) 2020 abhaywani All Right Reseved