Sultanganj: क्या हेलमेट बनेगा बच्चों का भविष्य?


थाना सुल्तानगंज अंतर्गत शासकीय स्कूल में आयोजित करियर काउंसलिंग सत्र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह बच्चों के सामने भविष्य और सुरक्षा का आईना लेकर आया। सत्र के दौरान थाना क्षेत्र सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने पुलिस विभाग में करियर की वास्तविक प्रक्रिया, आवश्यक शारीरिक-मानसिक तैयारी, अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे बुनियादी तथ्यों को सरल भाषा में रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही है। इसी क्रम में यातायात और सड़क सुरक्षा के नियमों पर गंभीर चर्चा हुई, जहां हेलमेट न पहनने से होने वाले जोखिमों को तथ्यों के साथ समझाया गया। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े, प्राथमिक बचाव की ज़रूरत और समय पर मदद के महत्व को रेखांकित करते हुए राहगीर योजना की जानकारी दी गई, ताकि दुर्घटना के समय घायलों की सहायता बिना डर और भ्रम के की जा सके। सत्र में यह भी बताया गया कि कानून के दायरे में रहकर सहायता करने वालों को संरक्षण मिलता है, जिससे मानवीय पहल को प्रोत्साहन मिलता है। कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टर ने दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन आवर’ की अहमियत समझाई, जबकि स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों ने बच्चों को नियमों के पालन और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। यह आयोजन किसी आरोप या अफवाह से परे, केवल सत्यापित जानकारी और व्यवहारिक उदाहरणों पर आधारित रहा, ताकि छात्र सुरक्षित निर्णय लेना सीखें। कुल मिलाकर, यह सत्र करियर की दिशा दिखाने के साथ-साथ सड़क पर जीवन बचाने की समझ देने वाला साबित हुआ—जहां संदेश साफ था: नियमों का पालन ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

केके रिपोर्टर आपसे पूछता है—क्या आपके इलाके के स्कूलों में भी ऐसी सुरक्षा-केंद्रित काउंसलिंग नियमित होनी चाहिए?

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