भेंडारा
खैरलांजी तहसील के ग्राम भेंडारा में आज 05 जनवरी को कृषि विभाग द्वारा कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय द्वारा समूह की दीदियों एवं कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
उन्होंने प्राकृतिक खेती के अंतर्गत बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत एवं दशपर्णी अर्क तैयार करने की विधियों को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाया। साथ ही नरवाई प्रबंधन के महत्व, धान कटाई के बाद पुनः धान बोने से होने वाले नुकसान, फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने की आवश्यकता तथा मोटे अनाजों के पोषण एवं आर्थिक लाभ पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वर्मीकंपोस्ट निर्माण, पोषण वाटिका की उपयोगिता, जे-फार्म एप्लिकेशन के उपयोग एवं पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत स्प्रिंकलर एवं ड्रिप प्रणाली से होने वाले लाभों तथा मिट्टी परीक्षण के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
अंत में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी कृषकों को प्रदान की गई। कृषक पाठशाला के माध्यम से किसानों में प्राकृतिक, टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
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