रायसेन, 14 जनवरी 2026 — सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में भर्ती की बात कही जा रही है। लेकिन विभागीय स्तर पर की गई आधिकारिक पुष्टि साफ तौर पर बताती है कि वर्तमान में मिशन के किसी भी स्तर पर कोई भर्ती प्रक्रिया संचालित नहीं है। वायरल पत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव एस. के. मिश्रा के नाम से हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं, जबकि विभाग में इस नाम का कोई उप सचिव पदस्थ ही नहीं है। यही नहीं, पत्र में भारत सरकार के एक कथित संदर्भ क्रमांक F/2479 दिनांक 27.12.2025 का उल्लेख भी किया गया है, जिसे संबंधित अधिकारियों ने पूरी तरह निराधार बताया है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि यह दस्तावेज न तो आधिकारिक है और न ही किसी वैध भर्ती से जुड़ा हुआ। ऐसे भ्रामक पत्रों के जरिए युवाओं को भ्रमित करने की कोशिशें पहले भी सामने आती रही हैं, जिनका उद्देश्य केवल गलत जानकारी फैलाना होता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भर्ती से संबंधित सूचना को केवल आधिकारिक वेबसाइट, मान्यता प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति या अधिकृत कार्यालयों से ही सत्यापित करें। अनधिकृत पत्रों, फॉरवर्ड संदेशों या अप्रमाणित सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करना न केवल नुकसानदेह हो सकता है, बल्कि इससे समय और संसाधनों की बर्बादी भी होती है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, मिशन से जुड़ी किसी भी संभावित भर्ती की जानकारी सार्वजनिक होने पर विधिवत अधिसूचना जारी की जाती है, जिसकी व्यापक सूचना दी जाती है। फिलहाल ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। केके रिपोर्टर आपसे पूछता है—क्या आप किसी सूचना को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करते हैं, या सिर्फ वायरल होने पर भरोसा कर लेते हैं?
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