अंबेडकर चौक में बैगा संस्कृति प्रतिमाओं एवं छत्रपति शिवाजी पार्क का भव्य लोकार्पण

महापुरुष, संस्कृति और सभ्यता भारतवर्ष की पूंजी — मौसम बिसेन

अंबेडकर चौक में बैगा संस्कृति प्रतिमाओं एवं छत्रपति शिवाजी पार्क का भव्य लोकार्पण

बालाघाट | 20 दिसंबर 2025

आदिम बैगा जनजाति का प्रकृति से गहरा जुड़ाव भारत की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

 बैगा संस्कृति प्रकृति के संरक्षण और संतुलन का संदेश देती है। इसी सोच से प्रेरित होकर नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा शहर के अंबेडकर चौक में बैगा संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने वाली प्रतिमाओं की स्थापना की गई है, जो नगर विकास और सांस्कृतिक गौरव की नई पहचान बन रही हैं।

इसी क्रम में 20 दिसंबर को छत्रपति शिवाजी पार्क एवं बैगा संस्कृति प्रतिमाओं के लोकार्पण व अनावरण का भव्य समारोह आयोजित किया गया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग सदस्य मौसम बिसेन ने कहा कि देश की अखंडता और एकता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले महापुरुष, उनकी संस्कृति, सभ्यता और आदिवासी समाज की विरासत ही भारतवर्ष की वास्तविक पूंजी है।

आदिवासी भूमकाल द्वारा सुमरणी का पाठ
समारोह की शुरुआत भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा एवं डॉ. बाबासाहब अंबेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई।

 इसके पश्चात विशेष रूप से पधारे आदिवासी समाज के भूमकाल द्वारा सुमरणी का पाठ किया गया एवं सेवा-जौहार का जयघोष हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया गया।

नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने नगरपालिका द्वारा शहर की सुंदरता, स्वच्छता एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

अतीत की गौरवगाथा का गुणगान कर रही 
नगरपालिका — मौसम बिसेन

समारोह को संबोधित करते हुए आयोग सदस्य मौसम बिसेन ने कहा कि बालाघाट शहर सामाजिक समरसता की अनूठी पहचान रखता है। 

नगर पालिका द्वारा महापुरुषों के विचारों और उनके बताए मार्ग से प्रेरणा लेने हेतु प्रतिमाओं का अनावरण किया जा रहा है। साथ ही उद्यानों और पार्कों का पुनर्स्थापन व विस्तार कर शहर को सुंदर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे स्वच्छता, विकास और नगर निर्माण में नगरपालिका का सहयोग करें। महापुरुषों के योगदान से हमें ऊर्जा मिलती है और यही हमारी सामाजिक चेतना का आधार है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापतियों एवं पार्षदों को इन निरंतर प्रयासों के लिए बधाई दी।

प्रकृति से सामंजस्य में ही जीवन सुंदर — नपाध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने कहा कि सर्वमान्य नेता गौरीशंकर बिसेन द्वारा स्थापित प्रतिमाएँ समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रही हैं और उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि बालाघाट जिले की पहचान बैगा जनजाति है, जो प्रकृति-निष्ठ, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध समुदाय है।

बैगा संस्कृति न केवल अतीत की धरोहर है, बल्कि आज भी जनजातीय पहचान को जीवंत बनाए हुए है। इसी उद्देश्य से अंबेडकर चौक में बैगा संस्कृति प्रतिमाओं का निर्माण कराया गया, जिससे विद्यार्थी वर्ग, शोधार्थी एवं आमजन आदिवासी सभ्यता को नजदीक से समझ सकें।

शहर की सुंदरता के लिए रचनात्मक प्रयास
नपाध्यक्ष ने बताया कि छत्रपति शिवाजी पार्क शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा। पूर्व में अव्यवस्थित भूमि को सुव्यवस्थित कर बेहतर ड्राइंग-डिजाइन के साथ पार्क का निर्माण किया गया है। पौधारोपण और हरियाली बढ़ाने में नागरिकों का भी सहयोग सराहनीय रहा है।
आदिवासी एवं कुनबी समाज ने किया नपाध्यक्ष का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी नेत्री हिरासन उईके ने भी संबोधन देते हुए आदिवासी संस्कृति के संरक्षण हेतु नगर पालिका के प्रयासों की सराहना की। वहीं प्रगतिशील कुनबी समाज द्वारा छत्रपति शिवाजी पार्क के निर्माण पर नपाध्यक्ष को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

समारोह में पूर्व नपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जैनेन्द्र कटरे द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन नगर पालिका उपाध्यक्ष योगेश बिसेन ने किया।

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