मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा में बुधवार से गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का शुभारंभ भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में हुआ। 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष पखवाड़े के माध्यम से विद्यार्थियों में गुरु-शिष्य परंपरा, नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जाएगी।
पखवाड़े के प्रथम दिवस विद्यालय परिसर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। छात्राओं ने रचनात्मक गतिविधि के अंतर्गत आटे से सुंदर दीपकों का निर्माण किया तथा सदनवार आकर्षक डिजाइनों में दीप सजाकर मनमोहक स्वास्तिक आकृति तैयार की। विद्यार्थियों की इस कलात्मक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्राचार्य श्री सौरभ कुमार शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माँ सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ किया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से सरस्वती वंदना एवं गुरु वंदना प्रस्तुत कर अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कारों के संवाहक और जीवन को सही दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत होते हैं। भारत की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के दौरान सांस्कृतिक, साहित्यिक, नैतिक एवं प्रेरणादायी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का समापन 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आयोजन के साथ होगा।
कार्यक्रम में श्री जयप्रकाश यादव, श्री राजेश धुर्वे, श्रीमती पूजा उइके, श्री पुष्पेन्द्र कुमार पालके, श्री कमल सिंह मेरावी, श्रीमती डिलेश्वरी भगत, श्रीमती स्वाति ब्रम्हनोटे, श्री सुरेश बघेल, श्री फगनू सिंह सैयाम, श्री शिवपाल टेम्भरे, श्री आशीष तिल्लासी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक, अतिथि शिक्षक एवं विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही।
