अभयवाणी
प्रहलाद गजभिये (जिला ब्युरो बालाघाट)
बालाघाटमध्यप्रदेश शासन द्वारा बालाघाट कलेक्टर श्री मृणालमीना का स्थानांतरण छतरपुर जिले के कलेक्टर पद पर किए जाने के बाद गुरुवार को जिला मुख्यालय में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। विदाई समारोह में प्रशासन, पुलिस, वन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके नेतृत्व, कार्यशैली और जिले के समग्र विकास में दिए गए योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे एवं श्री डी.पी. बर्मन, वन मंडलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल एवं श्री रेशम सिंह धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री मायाराम कोल, श्री विजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भार्गव एवं श्री निहित उपाध्याय, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, श्री कार्तिकेय जायसवाल, श्री श्रीश प्यासी, श्री आदित्य नारायण तिवारी, श्री गोपाल सोनी, श्री कमल सिंहसार, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि श्री मृणाल मीना ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों वाले बालाघाट जिले में लगभग दो वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देकर जिले को नई पहचान दिलाई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री मीना छतरपुर जिले में भी अपनी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन ने कहा कि श्री मीना का बालाघाट से जाना जिले के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन छतरपुर के लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना श्री मीना की विशेष पहचान रही है।
पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि श्री मृणाल मीना के कार्यकाल में बालाघाट ने नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साथ-साथ विकास कार्यों को दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने की श्री मीना की सोच ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्वयं गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल की।
विदाई समारोह के दौरान भावुक हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कहा कि बालाघाट में उन्हें एक समर्पित, सक्षम और सहयोगी अधिकारियों की टीम के साथ कार्य करने का अवसर मिला। इसी सामूहिक प्रयास के कारण जिला अनेक शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल रहा। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है, हालांकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने मीडिया के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों के दौरान यदि कभी सख्ती बरती गई हो तो उसे केवल कार्यहित में लिया जाए, क्योंकि उनके मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना या दुराग्रह नहीं रहा।
बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता एवं वारासिवनी एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल ने कहा कि श्री मीना ने हमेशा अधिकारियों पर विश्वास जताया, उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर दिया तथा गलतियों से सीखकर बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में कार्य करना प्रशासनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
समारोह के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कलेक्टर श्री मृणाल मीना को स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनके सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विदाई के दौरान वातावरण भावुक रहा और उपस्थित अधिकारियों ने उनके साथ बिताए अनुभव साझा करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
👉 अभयवाणी की राय 👈
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"एक कुशल प्रशासक की पहचान केवल योजनाओं के क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि जनता और टीम के बीच विश्वास कायम करने से होती है। श्री मृणाल मीना का कार्यकाल बालाघाट के प्रशासनिक इतिहास में विकास, अनुशासन और संवेदनशील नेतृत्व के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।"
अभयवाणी न्यूज बालाघाट
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