प्रहलाद गजभिये (जिला ब्युरो बालाघाट)
बालाघाट जिले में शासकीय भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
वारासिवनी एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने ग्राम गर्रा, तहसील लालबर्रा में अवैध कॉलोनियों के दो अलग-अलग मामलों में कुल आठ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।
23 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुसार, तहसीलदार लालबर्रा की जांच में पाया गया कि ग्राम गर्रा के विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। जांच के दौरान कॉलोनी विकास से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियां, ले-आउट अनुमोदन एवं विकास अनुज्ञा प्रस्तुत नहीं की गई। इसके अलावा शासकीय भूमि पर कच्ची सड़क, पुलिया सहित अन्य निर्माण कर अतिक्रमण किए जाने की भी पुष्टि हुई।
एसडीएम न्यायालय ने मामले को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 61-घ के तहत गंभीर मानते हुए पूर्व में जारी नोटिसों एवं सुनवाई के बावजूद संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।
पहले प्रकरण में जितेन्द्र उर्फ बुलेश्वर डहाके, अनीता राजेश टेम्भरे, अर्चना देवेन्द्र बोपेचे एवं सुनील वल्द लोखिराम हनवत के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरे प्रकरण में दिलीप भैरम, जितेन्द्र वल्द बुलेश्वर, सोमेश्वर वल्द मोहनसिंह गोंड तथा इंदिरा जौजे उत्तमचंद कोठारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने राजस्व निरीक्षक एवं संबंधित हल्का पटवारी को आदेश का तत्काल पालन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तहसीलदार लालबर्रा को भी निर्देशित किया गया है कि भविष्य में संबंधित व्यक्तियों द्वारा अवैध भू-खंडों के विक्रय अथवा निर्माण की जानकारी मिलते ही तत्काल न्यायालय को अवगत कराया जाए।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अवैध कॉलोनियों और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
👉 अभयवाणी 👈
