नकली हैमर मार्क से अवैध लकड़ी को वैध बनाने का खेल उजागर, दो ट्रक जब्ती के बाद सामने आया ।फर्जीवाड़ा । .. 25.647 घनमीटर लकड़ी जब्त होने के बाद जांच में कई अनियमितताओं का खुलासा, ट्रांजिट पास जारी होने से पहले ही हो चुकी थी लोडिंग ।

REPORTER
By -
0
बालाघाट 
जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र में लकड़ी परिवहन से जुड़े एक मामले की जांच में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। 25.647 घनमीटर लकड़ी से भरे दो ट्रकों की जब्ती के बाद हुई विभागीय जांच में सामने आया कि कथित रूप से नकली "हैमर मार्क" का उपयोग कर अवैध लकड़ी को वैध दर्शाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में परिवहन प्रक्रिया और दस्तावेजों में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जब्त लकड़ी का बड़ा हिस्सा पुराना हैमर मार्क लिए हुए था, जबकि उस पर नई लकड़ी होने का दावा किया गया था। निरीक्षण के दौरान लकड़ी के आकार, निशान और रिकॉर्ड का मिलान करने पर विभाग को कई तथ्य संदिग्ध मिले। रिपोर्ट में उल्लेख है कि ट्रांजिट पास जारी होने से पहले ही लकड़ी की लोडिंग कर दी गई थी, जबकि नियमानुसार यह प्रक्रिया ट्रांजिट पास जारी होने के बाद ही की जा सकती है।
मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, जमानत और जब्त ट्रकों की सुपुर्दगी को लेकर न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। वन विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू कर दी है।
रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह केवल दस्तावेजी त्रुटि नहीं, बल्कि संगठित तरीके से नियमों की अनदेखी और सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला हो सकता है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि परिवहन प्रमाण-पत्र जारी करने, हैमर मार्क के सत्यापन और लकड़ी की वैधानिक जांच की प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई।
वन विभाग का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले ने वन संपदा के संरक्षण और लकड़ी परिवहन व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
Tags:

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

3/related/default