राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शुक्रवार 09 मई 2026 को जिला न्यायालय बालाघाट सहित जिले के समस्त न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन एवं गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी एक्ट) रघुवीर प्रसाद पटेल, प्रथम जिला न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम, द्वितीय जिला न्यायाधीश दीप नारायण सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतीष शर्मा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बैंक, बीमा एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा पैरालीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय परिसर में जिला आयुष विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही “सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य” अभियान के अंतर्गत जागृति योजना-2025 का शुभारंभ भी किया गया।
लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए जिलेभर में कुल 24 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें जिला न्यायालय बालाघाट में 09, बैहर में 04, कटंगी में 01, लांजी में 01 तथा वारासिवनी में 08 खंडपीठ शामिल रहीं। इन खंडपीठों में आपराधिक शमनीय प्रकरण, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, विद्युत एवं जलकर प्रकरण सहित विभिन्न मामलों का निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत में कुल 1085 प्रकरण विचारार्थ रखे गए, जिनमें से 1009 प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। प्री-लिटिगेशन के 835 प्रकरणों में से 780 प्रकरणों का निराकरण कर 1 करोड़ 60 लाख 91 हजार 443 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं न्यायालयों में लंबित 250 प्रकरणों में से 229 प्रकरणों का निराकरण कर 1 करोड़ 57 लाख 47 हजार 930 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। इस प्रकार कुल 3 करोड़ 18 लाख 39 हजार 373 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण ने नेशनल लोक अदालत की सफलता में सहयोग प्रदान करने वाले न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, समाजसेवियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं आमजन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्यायदान की सरल, सुलभ एवं त्वरित व्यवस्था है, जिसे भविष्य में भी इसी प्रकार सफलतापूर्वक संचालित किया जाता रहेगा।
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