कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 06 मई को जिले के सभी विकासखंडों के बीआरसी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर शिक्षा संबंधी योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्विनी उपाध्याय एवं सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री जीपी बर्मन भी उपस्थित रहे।
बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 30,500 असाक्षरों को साक्षर बनाने के लक्ष्य के तहत 14 अप्रैल 2026 को आयोजित मूल्यांकन परीक्षा में 26,696 लोग शामिल हुए, जिनमें से 25,880 की ऑनलाइन एंट्री की जा चुकी है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वालंटियर्स के कार्यों की सतत निगरानी रखी जाए और उन्हें आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
👉 📚 पाठ्यपुस्तक वितरण व एफएलएन पर सख्ती
कक्षा 1 से 8 तक नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी बीआरसी एवं बीईओ को निर्देशित किया कि वितरण के साथ-साथ ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य रूप से की जाए। बिरसा, कटंगी, लालबर्रा, परसवाड़ा एवं वारासिवनी में कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए।
एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) सर्वे को लेकर कलेक्टर ने विशेष फोकस रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली रिपोर्ट में बच्चों का गणित व हिंदी ज्ञान कमजोर पाया गया था, इसलिए अभ्यास पुस्तिकाएं उपलब्ध कराकर शैक्षणिक स्तर में सुधार लाया जाए। कमजोर प्रदर्शन वाले शिक्षकों पर कार्यवाही के प्रस्ताव भी मांगे गए।
👉 नामांकन में लापरवाही पर चेतावनी
नामांकन की समीक्षा में खैरलांजी, बैहर, वारासिवनी और बिरसा विकासखंडों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर 100% नामांकन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
साथ ही, साइकिल वितरण के बाद उसकी ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। परसवाड़ा में 362 साइकिल वितरण के बावजूद पोर्टल एंट्री नहीं होने पर नाराजगी जताई गई।
👉 🏫 जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत पर जोर
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत वर्षा से पहले पूर्ण कर ली जाए। इसके लिए डीएमएफ या अन्य मद से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय स्तर के कार्य ग्राम पंचायत के सहयोग से कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात में यदि किसी स्कूल भवन की खराब स्थिति की शिकायत मिली, तो संबंधित बीआरसी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
👉 🚻 स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं पर निर्देश
शालाओं में शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए “वॉश ऑन व्हील” सेवा का उपयोग करने को कहा गया। साथ ही छात्रवृत्ति और सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
निष्कर्ष ✍️
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाएं और योजनाओं का क्रियान्वयन अब प्राथमिकता में है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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