मुख्य सचिव अनुराग जैन की सख्त समीक्षा—योजनाओं में ढिलाई पर चेतावनी, जिलों की रैंकिंग पर रहेगा फोकस। वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर-SP सहित अधिकारियों को दिए निर्देश, अस्पताल, पेयजल, शिक्षा और खरीदी व्यवस्था पर विशेष जोर।

बालाघाट
मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने 29 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, वनमंडलाधिकारी श्री रेशम सिंह धुर्वे, अपर कलेक्टर श्री डीपी बर्मन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्य सचिव श्री जैन ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर जिलेवार रैंकिंग तैयार की जा रही है। सभी अधिकारी अपने जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए गंभीर प्रयास करें और किसी भी स्थिति में निचले पायदान पर न रहें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है, इसलिए इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि अस्पतालों में साफ-सफाई बनी रहे तथा डॉक्टर समय पर उपस्थित रहें। साथ ही, जिले में कहीं भी पेयजल संकट उत्पन्न न हो और सभी नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए छाया एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि स्वीकृत निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा शाला प्रवेश से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शालाओं में बालिका शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो।
आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा के लिए स्कूलों में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पशुपालन विभाग की वृंदावन ग्राम योजना, ग्रामीण विकास योजनाएं, जल गंगा संवर्धन अभियान, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा वितरण, क्षय उन्मूलन, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन, सड़क दुर्घटना घायलों के लिए पीएम राहत योजना, श्रमयोगी मानधन योजना, जनगणना-2027 तथा कानून व्यवस्था सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Copyright (c) 2020 abhaywani All Right Reseved