बैठक में मुख्य सचिव श्री जैन ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर जिलेवार रैंकिंग तैयार की जा रही है। सभी अधिकारी अपने जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए गंभीर प्रयास करें और किसी भी स्थिति में निचले पायदान पर न रहें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है, इसलिए इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि अस्पतालों में साफ-सफाई बनी रहे तथा डॉक्टर समय पर उपस्थित रहें। साथ ही, जिले में कहीं भी पेयजल संकट उत्पन्न न हो और सभी नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए छाया एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि स्वीकृत निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा शाला प्रवेश से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शालाओं में बालिका शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो।
आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा के लिए स्कूलों में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पशुपालन विभाग की वृंदावन ग्राम योजना, ग्रामीण विकास योजनाएं, जल गंगा संवर्धन अभियान, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा वितरण, क्षय उन्मूलन, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन, सड़क दुर्घटना घायलों के लिए पीएम राहत योजना, श्रमयोगी मानधन योजना, जनगणना-2027 तथा कानून व्यवस्था सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
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