विशेष जेल लोक अदालत आयोजित, प्लीबार्गेनिंग योजना से बंदियों को राहत। वर्चुअल माध्यम से उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने किया शुभारंभ, विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित।

बालाघाट
 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रविवार 26 अप्रैल को जिले की जेलों में विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जिला जेल बालाघाट में भी यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की कार्यवाही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्राणेष कुमार प्राण की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। इस दौरान जेल में निरुद्ध बंदियों के राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों को लोक अदालत की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां फरियादी एवं आरोपी पक्ष की सहमति से मामलों का त्वरित निराकरण किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेष कुमार प्राण ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष जेल लोक अदालत का उद्देश्य लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान कर बंदियों को प्लीबार्गेनिंग योजना का लाभ दिलाना है। इससे बंदी अपने जीवन को नई दिशा देते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सकेंगे।
लोक अदालत के उपरांत जिला जेल परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता योजना, जेल लोक अदालत, लीगल एड क्लीनिक तथा अपील से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उनकी समस्याएं सुनकर समाधान हेतु आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सतीष शर्मा, खंडपीठ के पीठासीन अधिकारी श्री अविनाश छारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री रामलाल सहलाम, अधिवक्ता श्री रजनीष राहंगडाले, सामुदायिक मध्यस्थ श्री दिनेश कुमार सोनेकर सहित लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्टाफ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Copyright (c) 2020 abhaywani All Right Reseved