कार्यक्रम की कार्यवाही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्राणेष कुमार प्राण की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। इस दौरान जेल में निरुद्ध बंदियों के राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों को लोक अदालत की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां फरियादी एवं आरोपी पक्ष की सहमति से मामलों का त्वरित निराकरण किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेष कुमार प्राण ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष जेल लोक अदालत का उद्देश्य लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान कर बंदियों को प्लीबार्गेनिंग योजना का लाभ दिलाना है। इससे बंदी अपने जीवन को नई दिशा देते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सकेंगे।
लोक अदालत के उपरांत जिला जेल परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता योजना, जेल लोक अदालत, लीगल एड क्लीनिक तथा अपील से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उनकी समस्याएं सुनकर समाधान हेतु आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सतीष शर्मा, खंडपीठ के पीठासीन अधिकारी श्री अविनाश छारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री रामलाल सहलाम, अधिवक्ता श्री रजनीष राहंगडाले, सामुदायिक मध्यस्थ श्री दिनेश कुमार सोनेकर सहित लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्टाफ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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