मंडी निरीक्षक मनोज पटले ने बताया कि गर्मी के मौसम में सूखी लाल मिर्च की मांग बढ़ने के कारण नागपुर की कलमना मंडी से बड़ी मात्रा में मिर्च बालाघाट सहित जिले के विभिन्न बाजारों में आ रही है। थोक बाजार में जहां मिर्च का भाव 140 से 180 रुपये प्रति किलो है, वहीं स्थानीय बाजार में इसे 220 से 250 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। इस दौरान कुछ व्यापारी मंडी शुल्क और जीएसटी से बचने के लिए बिल में कम कीमत और मात्रा दिखाकर टैक्स चोरी कर रहे थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में बिना ई-वे बिल के मिर्च का परिवहन किया जा रहा था। नियमों के अनुसार 50,000 रुपये से अधिक के अंतर्राज्यीय परिवहन पर ई-वे बिल अनिवार्य है, जबकि सूखी लाल मिर्च पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री गोपाल सोनी के निर्देशन एवं तहसीलदार श्रीमती मंजुला महोबिया के मार्गदर्शन में मंडी समिति के उड़नदस्ता दल ने 2 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए नागपुर से आ रहे दो ट्रकों को पकड़ा। आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर संबंधित व्यापारियों पर पांच गुना मंडी शुल्क सहित जुर्माना लगाया गया।
कार्रवाई के दौरान परी ट्रेडर्स से 18,890 रुपये, वैष्णवी ट्रेडर्स से 7,880 रुपये और गणेश किराना बिसोनी से 3,345 रुपये दंडात्मक शुल्क वसूला गया। वहीं वैध बिल पर आई मिर्च के लिए गुजरात किराना से 4,840 रुपये और जय भवानी ट्रेडर्स से 680 रुपये मंडी शुल्क के रूप में लिए गए।
उल्लेखनीय है कि जिले की विभिन्न मंडी समितियों द्वारा पिछले तीन दिनों से सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। 31 मार्च को वारासिवनी मंडी ने तीन वाहनों से 66,619 रुपये, बालाघाट मंडी ने एक वाहन से 51,500 रुपये तथा 1 अप्रैल को कटंगी मंडी ने एक वाहन से 29,678 रुपये जुर्माना वसूला।
मंडी प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे वैध बिलों पर ही व्यापार करें और टैक्स नियमों का पालन करें। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ।
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