प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि नई व्यवस्था के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन केन्द्र में उपस्थित बच्चों की फोटो लेकर उसे मोबाइल ऐप में अपलोड करना होगा। ऐप फोटो के आधार पर बच्चों की संख्या, आंगनवाड़ी केन्द्र की जीपीएस लोकेशन, फोटो लेने की तिथि एवं समय स्वतः दर्ज कर लेगा। इस डाटा की जिला स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी केन्द्र में किस दिन कितने बच्चे उपस्थित हुए।
इस व्यवस्था से आंगनवाड़ी केन्द्रों में फर्जी उपस्थिति दर्ज होने की संभावना समाप्त हो जाएगी, क्योंकि हर रिपोर्ट जीपीएस लोकेशन और समय के साथ दर्ज होगी, जिससे डाटा में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ संभव नहीं होगी।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि इस ऐप की विशेषता यह है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को केवल एक फोटो खींचकर अपलोड करना होगा, जिसके बाद ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता से बच्चों की संख्या का स्वतः आकलन कर लेगा और रिपोर्ट तुरंत अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी पोषण योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो।
आंगनवाड़ी केन्द्रों की निगरानी के लिए RISE Balginti नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसे इंदौर स्थित Rising Dine Private Limited द्वारा विकसित किया गया है। यह भी गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश की महिला उद्यमियों द्वारा विकसित यह तकनीक सरकार के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
