ग्राम पुनी की हितग्राही श्रीमती प्रमिला बाई, पति पन्नालाल भगत ने इस योजना का लाभ लेकर अपनी आजीविका को नया आयाम दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्हें 1.72 लाख रुपये की लागत से बगिया विकास कार्य स्वीकृत हुआ।
योजना के तहत उन्होंने अपनी भूमि पर 50 फलदार पौधे लगाए तथा शासन से प्राप्त राशि से बगिया की फेंसिंग भी कराई। इसके साथ ही उन्होंने अपनी जमीन पर सब्जियों की खेती शुरू कर अतिरिक्त आय का स्रोत तैयार किया।
आज प्रमिला बाई अपनी उपज को बाजार में बेचकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस पहल से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है। परिवार में खुशहाली का माहौल है और वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हैं।
👉 यह उदाहरण दर्शाता है कि मनरेगा की “एक बगिया मां के नाम” योजना ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और सतत आजीविका के लिए एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।
