दस्तावेज पंजीयन में अनावश्यक कागजों पर रोक, कलेक्टर के सख्त निर्देश।

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बालाघाट पंजीयन प्रक्रिया हुई आसान - अब नहीं मांगे जाएंगे अनावश्यक कागज।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने दस्तावेज पंजीयन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए जिला पंजीयक एवं सभी उप पंजीयकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि पंजीयन के दौरान केवल आवश्यक दस्तावेज ही लिए जाएं और आवेदकों से किसी भी प्रकार के अनावश्यक कागज न मांगे जाएं।
जारी निर्देशों के अनुसार, पंजीयन अधिनियम 1908 एवं पंजीयन नियम 1939 के तहत राजस्व विभाग द्वारा जारी नक्शा एवं खसरा स्वयं में पूर्ण दस्तावेज माने गए हैं। ऐसे में पंजीयन के लिए हल्का पटवारी द्वारा जारी विक्रय पर्ची को अनिवार्य नहीं माना जाएगा।
नियमों के तहत तीन प्रकार के नक्शे मान्य किए गए हैं—
  👉 1 पदाभिहित अधिकारी द्वारा जारी नक्शा
👉    2 स्थानीय प्राधिकारी द्वारा जारी नक्शा
   👉  3 आवेदक द्वारा स्वप्रमाणित नक्शा
इनमें से किसी एक के आधार पर दस्तावेज का पंजीयन किया जा सकता है।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि पटवारी द्वारा जारी नक्शा प्रस्तुत किया जाता है, तो उसमें विक्रय भूमि को लाल स्याही से स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए तथा उसकी लंबाई-चौड़ाई अंकित हो। इसके अलावा भूमि के स्वरूप, खसरा नंबर के रकबे और वर्तमान बटांकन नंबरों का मिलान भी अनिवार्य रहेगा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को नामांतरण, कब्जा और नक्शा बटांकन जैसी प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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