इसके साथ ही मानव अधिकार मित्र श्रीमती फिरोजा खान, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रशासक रचना चौधरी, परियोजना अधिकारी शहरी एवं ग्रामीण श्री शैलेंद्र चौकसे, परियोजना अधिकारी वारासिवनी श्रीमती यशोदा भगत सहित विभाग के समस्त पर्यवेक्षक कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में न्यायपालिका एवं पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड श्रीमती शिखा शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री सतीश शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जितेंद्र मोहन धुर्वे, थाना यातायात प्रभारी श्रीमती यीना राहंगडाले, महिला थाना प्रभारी श्रीमती किरण वरकड़े, किशोर न्याय इकाई से श्रीमती रेहाना खान, साइबर प्रभारी श्रीमती मेघा पांडेय एवं चांदनी शांडिल्य की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस दौरान अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात महिला सशक्तिकरण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें एकल एवं समूह नृत्य, संगीत, योग नृत्य, कविता पाठ तथा नुक्कड़ नाटक की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल, सामाजिक क्षेत्र, महिला उद्यमिता, आंगनवाड़ी सेवाओं तथा स्व-सहायता समूहों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा जानकारी और सेवाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं की एनीमिया स्क्रीनिंग, आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य परामर्श तथा परिवहन विभाग द्वारा 60 महिलाओं का पिंक ड्राइविंग लाइसेंस पंजीकरण कर जानकारी प्रदान की गई। वहीं हथकरघा विभाग द्वारा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया और बालिका गृह की बालिकाओं द्वारा तैयार वस्तुओं का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया गया।
इसके अलावा विभिन्न अशासकीय संस्थाओं ने भी स्टॉल लगाकर अपनी गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें दृढ़ शक्ति फाउंडेशन द्वारा महिला आधारित नृत्य एवं गृह उत्पाद, जन सेवा एवं जन सुरक्षा समिति द्वारा आपदा जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक, मानव अधिकार संगठन द्वारा सैनिटरी नेपकिन स्टॉल, वाटिका संस्था द्वारा साड़ी स्टॉल, अमीन चार्ल्स द्वारा मिट्टी के बर्तनों का प्रदर्शन तथा वन स्टॉप सेंटर की महिलाओं द्वारा बड़ी, पापड़ एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन शामिल रहा। आरसेटी द्वारा महिलाओं को बैंकिंग, वित्तीय साक्षरता एवं रोजगार संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए संजू मेश्राम एवं दुर्गा मेश्राम द्वारा कराटे का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता रही, जिससे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
