इस अभियान के अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर गोंगलाई की 54 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया गया। टीकाकरण से पूर्व जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती एवं उमंग स्कूल हेल्थ प्रोग्राम की काउंसलर सुश्री रोशनी टेमरे ने विद्यालय पहुंचकर प्राचार्य श्री अंगूरे की उपस्थिति में छात्राओं की काउंसलिंग की। इस दौरान उन्हें एचपीवी टीकाकरण के महत्व, सर्वाइकल कैंसर से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई।
इसके बाद आरबीएसके वाहन के माध्यम से छात्राओं को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र, बालाघाट लाया गया, जहां सभी बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया। डीईआईसी केंद्र में आज कुल 99 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण के बाद किसी भी बालिका को कोई परेशानी नहीं हुई और सभी छात्राएं स्वस्थ एवं प्रसन्न नजर आईं। टीका लगवाने के बाद छात्राओं ने अन्य किशोरियों से भी अपील की कि वे भी सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए समय पर एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह टीका विशेष रूप से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से सुरक्षित रखने में सहायक सिद्ध होता है।
