बैठक में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, विद्यालयों की स्वच्छता बनाए रखने तथा जल गंगा संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों के आयोजन पर विस्तार से चर्चा की गई। जनशिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करें। साथ ही प्रवेश उत्सव में भूतपूर्व छात्रों, ग्रामवासियों, पालक-शिक्षक संघ एवं जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए।
01 अप्रैल को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों का स्वागत, बाल सभा का आयोजन तथा मध्यान्ह भोजन के साथ विशेष भोज कराने की व्यवस्था की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 02 अप्रैल को पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियां आयोजित होंगी, 03 अप्रैल को शाला प्रबंधन समिति की बैठक कर 100 प्रतिशत नामांकन की कार्ययोजना बनाई जाएगी तथा 04 अप्रैल को “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम के तहत जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों से संवाद किया जाएगा।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्वनी उपाध्याय, जिला परियोजना समन्वयक श्री घनश्याम प्रसाद बर्मन एवं संस्था के प्राचार्य श्री ज्योतिषी जी ने मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी आवश्यक जानकारी साझा की।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधितों से प्रवेश उत्सव को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
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