पांढुर्ना विधायक निलेश उइके ने 2026 के बजट को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यह बजट आम आदमी को कोई राहत देने में पूरी तरह विफल रहा है और जनता को गुमराह करने वाला दस्तावेज बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा यह बताए कि विकास वास्तव में कहां हो रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर केवल भ्रष्टाचार ही दिखाई दे रहा है।
निलेश उइके ने कहा कि भाजपा सरकार का बजट ऐसा है जिसे आज तक भाजपा के नेता स्वयं भी नहीं समझ पाए हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि केंद्र और राज्य सरकार के नेता बजट पर लिखी इबारत कागज देखकर पढ़ रहे हैं, लेकिन कोई भी यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा कि आम जनता को इस बजट से क्या लाभ मिला है। बजट केवल आंकड़ों तक सीमित होकर रह गया है।
उन्होंने छिंदवाड़ा में बजट को लेकर आई लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री संपतिया उइके पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे कागजों का पुलिंदा लेकर आईं और जनता को भ्रमित कर वापस चली गईं। उन्होंने सवाल किया कि इस बजट में छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले को क्या मिला, कौन-सी बड़ी परियोजना या नई योजना दी गई—इसका कोई स्पष्ट उत्तर नहीं है।
निलेश उइके ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के समय मध्यप्रदेश और छिंदवाड़ा को अलग-अलग और स्पष्ट बजट मिलता था, जिसमें प्रत्येक विभाग के लिए प्रावधान साफ-साफ बताए जाते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का बजट केवल घोषणाओं और भविष्य के वादों तक सीमित है, जबकि वास्तविकता यह है कि जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हो रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, रोजमर्रा की वस्तुएं आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। रसोई गैस, खाद्य सामग्री, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं के दामों पर सरकार पूरी तरह मौन है। बजट में महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
बयान के अंत में निलेश उइके ने कहा कि इस बजट में युवा, आदिवासी, गरीब, महिलाएं और समाज के हर वर्ग की अनदेखी की गई है। यह बजट केवल भाषणों और कागजी वादों तक सीमित है। जनता सच्चाई देख रही है कि जो कुछ दिखाया जा रहा है, वह सिर्फ कागजों और भाषणों में ही है।
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