कलेक्टर की सख्ती - स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं पर कड़ा एक्शन, वेतन कटौती के निर्देश।

बालाघाट
कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में 26 फरवरी को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य, आयुष एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव, बच्चों के कुपोषण, डाटा एंट्री की शुद्धता तथा फील्ड मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया।
हाईरिस्क गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव पर फोकस
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अनमोल पोर्टल पर सभी गर्भवती माताओं का अनिवार्य पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही संबंधित महिला का पंजीयन पोर्टल पर किया जाए तथा नियमित टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। पोर्टल पर पंजीकृत गर्भवती महिलाओं में से हाईरिस्क मामलों को चिन्हित कर उनके सुरक्षित प्रसव हेतु आवश्यक प्रबंधन अनिवार्य रूप से करने को कहा गया।
कलेक्टर ने सख्त चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि अनमोल पोर्टल पर किसी भी प्रकार की गलत एंट्री स्वीकार नहीं की जाएगी। गलत डाटा एंट्री पाए जाने पर संबंधित एएनएम के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
  👉     कम उपलब्धि पर नोटिस और वेतन कटौती
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बैठक में एएनसी पंजीयन, एएनसी-4 जांच, हाईरिस्क महिलाओं के पंजीयन एवं आयरन सुक्रोज उपलब्धि में लक्ष्य से कम प्रदर्शन पर 08 बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 09 बीपीएम एवं 07 बीसीएम का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी जारी किए गए।
इसके अतिरिक्त गर्भवती माताओं के पंजीयन एवं डाटा एंट्री में संतोषजनक कार्य न करने पर कई एएनएम के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
   👉      फील्ड मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश
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कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि हेल्थ सुपरवाइजर, एमपीडब्ल्यू एवं एलएचव्ही के साथ पृथक बैठक कर फील्ड भ्रमण का कार्यदायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित फील्ड विजिट एवं साप्ताहिक विश्लेषण के माध्यम से कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
   👉       जिले के स्वास्थ्य आंकड़ों की समीक्षा
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बैठक में जानकारी दी गई कि 01 अप्रैल 2025 से 24 फरवरी 2026 तक जिले में 27,128 गर्भवती माताओं का पंजीयन किया गया, जिनमें से 660 महिलाओं को हाईरिस्क के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी अवधि में 22,561 शिशुओं का जन्म दर्ज किया गया है। इन शिशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण हेतु एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित होम विजिट की जा रही है।
सिकल सेल जांच एवं टीबी मरीजों के उपचार की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
   👉     खाद्य एवं औषधि निरीक्षण पर सख्ती
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त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य सामग्री विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों की सतत जांच करने एवं नमूनों को परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए। औषधि निरीक्षकों को मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
      👉    कुपोषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान
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महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि चिन्हित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाए तथा कोई भी बेड खाली न रहे। कुपोषण श्रेणी से बाहर आए बच्चों का नियमित फॉलोअप लेने को कहा गया।
03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से सुनिश्चित करने तथा आंगनवाड़ी एवं प्राथमिक शालाओं की मैपिंग कर शाला पूर्व शिक्षा को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले में 69,284 बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान की जा रही है।
   👉    आयुष संस्थाओं में उपस्थिति एवं डाटा प्रबंधन
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आयुष विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने आयुष चिकित्सकों एवं स्टाफ की जियोलॉजिकल लोकेशन के साथ उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आयुष संस्थाओं में आयुष जन आरोग्य समिति गठन, न्यूनतम शुल्क व्यवस्था एवं ओपीडी डाटा संकलन सुनिश्चित करने को कहा गया।
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