पसमांदा मुसलमानों की भागीदारी पर जोर, सिलवानी में समाज सुधार कॉन्फ्रेंस आयोजित


सिलवानी: 
ऑल इंडिया मंसूरी समाज द्वारा सिलवानी में आयोजित समाज सुधार कॉन्फ्रेंस (इस्लाह-ए-मुआशरा) को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कहा कि जब तक मंसूरी समाज और पसमांदा मुसलमानों को शिक्षा, रोजगार और राजनीति में उचित भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी रहेगी।

उन्होंने कहा कि पसमांदा मुसलमानों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस और व्यावहारिक प्रयासों की आवश्यकता है। अनीस मंसूरी ने बताया कि वे पिछले दो दशकों से समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता, गरीब व मेधावी विद्यार्थियों को सहयोग, युवाओं को रोजगार से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ निरंतर कार्य कर रहे हैं।

सम्मेलन में उन्होंने यह भी कहा कि पसमांदा मुसलमानों से जुड़े मुद्दे समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं, लेकिन इनके स्थायी समाधान के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने समाज के लोगों से संगठित होकर अपने अधिकारों और भागीदारी के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री एहसान मंसूरी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज को सामाजिक सुधार, नैतिक मूल्यों और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना होगा। वहीं प्रदेश अध्यक्ष शैख़ अज़ीज़ अहमद मंसूरी ने समाज को एकजुट रखने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।

जिला अध्यक्ष फ़ारूक़ मंसूरी ने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री मोहम्मद हुसैन मंसूरी (पाकीज़ा), मौलाना इलियास मंसूरी (लखनऊ), प्रदेश उपाध्यक्ष जाकिर मंसूरी, प्रदेश सलाहकार चांद भाई, जिला सचिव सलीम मंसूरी, प्रदेश सचिव जलील मंसूरी, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष जलील मंसूरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी उवेश मंसूरी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक फहीम मंसूरी, ब्लॉक अध्यक्ष सिलवानी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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