बरेली के स्वास्थ्य तंत्र में अचानक हलचल क्यों मची? कलेक्टर के निर्देश के बाद सीएमएचओ ने खुद मोर्चा संभाला


रायसेन मप्र: 
अरूण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशों के अनुपालन में डॉ एच एन मांडरे ने विकासखण्ड बाड़ी के अंतर्गत बरेली में स्वास्थ्य अमले की समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की। यह बैठक केवल औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही पर स्पष्ट संदेश देने का मंच बनी। सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों को बेहतर व त्वरित उपचार उपलब्ध कराने, डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की प्रगति को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में अनुपस्थित कर्मचारियों के एक दिवस के वेतन काटने के निर्देश दिए गए—जो अनुशासन और जवाबदेही के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही जिन स्वास्थ्यकर्मियों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, उन्हें एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड आगामी पाँच दिनों में बनाने की समयसीमा तय की गई, ताकि लाभार्थियों को उपचार में आर्थिक अड़चन न आए।

समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अस्पतालों की व्यवस्था कागज़ों से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर दिखनी चाहिए। चिकित्सा अधिकारियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक का फोकस परिणामों पर रहा—यानी मरीज को सुविधा, समय पर इलाज और योजनाओं का वास्तविक लाभ। निर्देशों का असर आने वाले दिनों में अस्पतालों की कार्यशैली में दिखता है या नहीं, इस पर अब निगाहें रहेंगी।

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