इसी क्रम में 2 फरवरी को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें परीक्षा अवधि में किए जाने वाले कार्यों एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री ए.के. उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर प्रतिनिधियों को मोबाइल एप के माध्यम से संबंधित थाना एवं परीक्षा केंद्र पर उपस्थित रहना होगा। मंडल के निर्देशानुसार वे थाने से प्रश्नपत्र निकलवाने, उन्हें सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र तक पहुँचाने तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे।
परीक्षा केंद्रों पर सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद कराकर सील किए जाएंगे, ताकि किसी के पास मोबाइल फोन न रहे। प्रश्नपत्रों के बॉक्स खोलने से पूर्व बॉक्स की छहों तरफ का वीडियो बनाकर माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा नामांकित अधिकारी को प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से पहले व्हाट्सएप के माध्यम से भेजना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रश्नपत्र पैकेट को सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं खोला जाएगा तथा पर्यवेक्षकों को सुबह 8:45 बजे से पूर्व प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। कलेक्टर प्रतिनिधियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित रहकर परीक्षा के सुचारु रूप से प्रारंभ होने की पुष्टि करनी होगी। इसके बाद ही वे एप से लॉगआउट कर केंद्र छोड़ सकेंगे।
शासन एवं मंडल के निर्देशों के पालन और नकल रोकने के उद्देश्य से निरीक्षण दलों का भी गठन किया गया है। ये दल प्रतिदिन कम से कम चार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। यदि कहीं नकल का प्रकरण पाया जाता है तो उसकी जानकारी तत्काल जिला कलेक्टर एवं मंडल सचिव को दी जाएगी।
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