उन्होंने कहा कि वारासिवनी क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से एक आदिवासी परिवार को कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा परेशान किया जा रहा है। भलावी के अनुसार, वारा ग्राम पंचायत की जमीन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर किए जाने के आरोप हैं।
उन्होंने पूर्व में पदस्थ रहे कुछ राजस्व अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दस्तावेजों में कथित बदलाव कर परिवार के भीतर विवाद की स्थिति बनाई गई, जिससे जमीन को बेचने का रास्ता साफ हो सके। पार्टी ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदेश महासचिव ने कहा कि आदिवासियों को उनकी पैतृक जमीन से बेदखल करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि बाहरी लोग कौड़ियों के दाम पर जमीन खरीदकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जबकि असली भूमि धारकों को कानूनी मामलों में उलझाकर जेल तक भेजा जा रहा है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासियों की जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो पार्टी व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
0 टिप्पणियाँ