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आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के निम्न अवसरों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं कर सकेगा 👇
लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड-बाजा, जुलूस, आमसभा, सम्मेलन, जलसा, खेल प्रतियोगिता, निजी या सार्वजनिक कार्यक्रम।
👉 परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सख्ती
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किसी भी परीक्षा केंद्र से 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्र पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
इससे बाहर उपयोग की स्थिति में भी ध्वनि स्तर इतना कम रखना होगा कि परीक्षा में कोई व्यवधान या असुविधा उत्पन्न न हो।
👉 रात्रिकालीन पूर्ण प्रतिबंध
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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार
रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक
ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
👉 अनुमति मिलने पर भी सीमित ध्वनि
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विशेष परिस्थितियों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी,
👉 लेकिन 👈
वॉल्यूम अधिकतम एक-चौथाई (¼) रहेगा
ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि से 10 डेसीबल से अधिक नहीं होगा
अनुमति अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अधिनियम की धारा 7 के प्रावधानों के तहत दी जाएगी
👉 उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
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आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी और जनपद सीईओ को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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