वारासिवनी
शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय, वारासिवनी की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा ग्राम पंचायत खापा में सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। शिविर की थीम “मेरा युवा भारत तथा डिजिटल साक्षरता के लिए युवा” रखी गई है। शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय की संरक्षक प्राचार्य डॉ. सरिता कोल्हेकर के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी कृष्णा पराते के नेतृत्व में हुआ।शिविर के द्वितीय दिवस स्वयंसेवकों ने प्रातः योग अभ्यास किया, जिसके पश्चात सुबह 9 बजे से ग्राम पंचायत खापा के वार्ड क्रमांक 17, 18 एवं 19 में श्रमदान किया गया। श्रमदान के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता एवं सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया गया।
इसके बाद आयोजित बौद्धिक सत्र में साइबर क्राइम, बाल संरक्षण एवं बाल अधिकार तथा नशा मुक्ति अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री शिवगिरी गोस्वामी (जिला समन्वयक, आवाज संस्था बालाघाट), मेघा तिवारी (प्रभारी, साइबर क्राइम बालाघाट) तथा चांदनी शांडिल्य (साइबर क्राइम, बालाघाट) उपस्थित रहीं।
बाल संरक्षण एवं बाल अधिकार विषय पर अपने विचार रखते हुए श्री शिवगिरी गोस्वामी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, बाल दुर्व्यवहार, बाल तस्करी, बाल शोषण एवं बाल श्रम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने समाज से बाल अधिकारों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
मेघा तिवारी ने साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति, लिंक या सॉफ्टवेयर से जुड़ने से पहले सत्यापन आवश्यक है। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन तथा व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
चांदनी शांडिल्य ने ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े कानूनी और अवैध पहलुओं, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, वायरस अटैक, संदिग्ध .apk फाइलों, एंटीवायरस के उपयोग, यूआरएल वेरिफिकेशन और फायरवॉल सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. रक्षा निकोसे ने नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अभियान युवाओं, महिलाओं और समुदाय की सहभागिता से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने हेतु संचालित किया जा रहा है, जिससे समाज और राष्ट्र को होने वाली हानि से बचाया जा सके।
श्रीमती सविता सेनवार ने बाल सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 112 की जानकारी देते हुए कहा कि बाल अपराध, बाल विवाह एवं बाल शोषण जैसे मामलों में समाज की जागरूक और सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
द्वितीय दिवस के बौद्धिक सत्र का मंच संचालन शिवानी मेश्राम द्वारा किया गया।
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