सायबर ठगों पर प्रहार: एमपी पुलिस एक्शन मोड में | अभय वाणी


मध्यप्रदेश पुलिस की सायबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई

विगत 10 दिनों में कई जिलों में अंतर्राज्यीय व अंतरराष्ट्रीय सायबर नेटवर्क ध्वस्त

भोपाल | बुधवार
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सायबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते 10 दिनों के भीतर प्रदेश के कई जिलों में बड़े सायबर अपराधों का खुलासा करते हुए संगठित गिरोहों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की गई है।

ग्वालियर, नीमच, देवास, बैतूल, छिंदवाड़ा और उज्जैन सहित विभिन्न जिलों में म्यूल बैंक अकाउंट, डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग, करंट अकाउंट के दुरुपयोग और एटीएम/सिम आधारित ठगी जैसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।

ग्वालियर: म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़

ग्वालियर सायबर क्राइम विंग ने सायबर फ्रॉड के लिए म्यूल बैंक खाते खरीदने–बेचने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस कार्रवाई में एक एमपी ऑनलाइन कियोस्क संचालक की संलिप्तता सामने आई। जांच में पाया गया कि कियोस्क के माध्यम से खोले गए कई बैंक खाते देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज सायबर फ्रॉड मामलों से जुड़े हैं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी (USDT) में बदलकर नाइजीरिया और चीन भेजा जाता था।

जब्ती: 84 एटीएम कार्ड और 9 मोबाइल फोन।
प्रारंभिक जांच में सैकड़ों म्यूल खातों के उपयोग के संकेत मिले हैं।

नीमच: 7 मिनट में बुजुर्ग दंपत्ति के 60 लाख रुपये बचाए

नीमच सायबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का शिकार हो रहे एक बुजुर्ग दंपत्ति को मात्र 7 मिनट में रेस्क्यू किया।
ठग खुद को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बताकर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखा रहे थे और 60 लाख रुपये ट्रांसफर करवाने ही वाले थे कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ठगी रोक दी।


देवास: “ऑपरेशन सायबर” में 7.5 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन उजागर

देवास पुलिस ने स्थानीय लोगों के खाते खरीदकर ठगी में इस्तेमाल करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया

जांच में 78 बैंक खातों के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ। आरोपी डिजिटल करेंसी में राशि परिवर्तित कर रहे थे।

बैतूल: 10 करोड़ का सट्टा व फ्रॉड नेटवर्क ध्वस्त

बैतूल में फर्जी फर्मों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाकर सट्टा और ठगी का पैसा एक खाते से दूसरे खाते में घुमाने वाले नेटवर्क को तोड़ा गया।
एक ही खाते से 7 महीनों में 10 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन सामने आया। अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें फर्जी सिम सप्लायर भी शामिल हैं।

छिंदवाड़ा: एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाला गिरफ्तार

छिंदवाड़ा देहात पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर बुजुर्गों के खातों से पैसे निकालने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया।


उज्जैन: ‘ऑपरेशन FAST’ में 10 हजार का इनामी आरोपी पकड़ा

उज्जैन में महाकाल पुलिस ने ‘ऑपरेशन FAST’ के तहत फर्जी सिम सप्लाई करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी उबेद कुरैशी को गिरफ्तार किया।

 पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—

किसी को भी बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें।

कमीशन के लालच में खाता उपलब्ध कराना स्वयं गंभीर अपराध है; खाताधारक भी दंड का भागी बन सकता है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धमकियों से न डरें—पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करती।

किसी भी सायबर ठगी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या टोल-फ्री नंबर 1930 पर दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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